"इन्टरनेट की लत से होने वाले तनाव का प्रबंधन" एक सम्वेदनशील विषय

लखनऊ गोल्फ क्लब से जुड़े कैडीज के लिए “इन्टरनेट की लत से होने वाले तनाव का प्रबंधन” पर एक कार्यशाला का आयोजन आज हुआ |

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए एवोक इंडिया फाउंडेशन से प्रियंका सिंह, सहायक प्रबंधक सी. एस. आर ने सभी का स्वागत करते हुए इन्टरनेट व मोबाइल फ़ोन के उपयोग पर आधारित कुछ प्रश्नबिंदु रखकर इस विषय पर प्रकाश डाला।

कार्यक्रम की मुख्य वक्ता प्रियंका सिंह, साइकोलॉजिकल काउंसलर ने उदाहरणों की सहायता से सभी को बताया कि इन्टरनेट की लत क्या है, इस लत का कारण व प्रबंधन किस प्रकार किया जाता है | कैडीज को यह बताया गया कि इन्टरनेट की लत एक आवेग नियंत्रण विकार को संदर्भित करता है जिसमें डिजिटल उपकरणों का जुनूनी उपयोग शामिल है | यह साइबरसाइकोलॉजी का एक उभरता हुआ डोमेन है एवं डिजिटल तनाव का अनुभव करने वाले सामान्य संकेतों में चिंता, सामाजिक गतिविधियों से अलगाव या वापसी, अत्यधिक गुस्सा, आँखों में दिक्कत आदि लक्षण शामिल हैं जिसको चिकित्सा स्थिति द्वारा स्पष्ट नहीं किया जा सकता है | इसके प्रबंधन जैसे डिजिटल स्पेस पर अपनी उपलब्धता की सीमा बनाने, आमने-सामने बातचीत व अन्य पसंदीदा गतिविधियों में स्वयं को अधिक व्यस्त रखने, डिजिटल डिटॉक्स कैसे करें इन सभी पर विस्तृत चर्चा की |

इस कार्यशाला के माध्यम से कैडीज को जागरूक किया गया कि किस प्रकार वे खुद को, अपने परिवार व बच्चों को इन्टरनेट की लत से दूर रख सकते हैं | इससे बच्चों की दिनचर्या व परिवार के सभी सदस्यों की भूमिका में किस प्रकार सुधार लाया जा सकता है व इन्टरनेट के द्वारा किस प्रकार स्वरोजगार में वृद्धि कर सकते हैं

एवोक इंडिया के स्टाफ ने सभी वक्ताओं और प्रतिभागियों का आभार प्रकट किया।